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Tilkut Chaturthi Katha -Tilkund chaturthi 2021 – Tilkut chauth ki kahani In Hindi

जय श्री गणेश, भक्तो आज हम आपके लिए ले आए है Tilkut Chaturthi katha तिलकुन्द चतुर्थी कथा  याने के तिलकुट चौथ की कहानी ।

Tilkut chauth ki kahani In Hindi

tilkut chaturthi katha

एक बार एक गांव में दो भाई रहते थे। बड़ा भाई बहुत ही अमीर था और छोटा भाई बहुत ही गरीब था। छोटे भाई की पत्नी बड़े भाई के घर काम करने जाती थी बदले में बड़े भाई की पत्नी उसे थोड़ा सा खाना और पुराने वस्त्र दे देती थी, जिनसे उनके घर का गुजारा चलता था। देवरानी जब उनके घर पर आटा, छानती थी तो वह आटा छानने का कपड़ा अपने घर लाकर धो लेती थी और उस पानी को अपने पति को पिला देती थी, वह बचा हुआ खाना अपने बच्चों को दे देती थी।

1 दिन जेठानी ने उपवास किया हुआ था और किसी ने भी खाना नहीं खा या था तो उसने अपनी देवरानी को खाने के लिए कुछ भी नहीं दिया और वह आटे का कपड़ा भी नहीं ला पाई क्योंकि जेठानी ने देख लिया था कि वह आटे का कपड़ा ले जाती थी इसलिए उसने न उस से कहा कि वो कपड़ा धोकरके जाए, इसलिए उस दिन आटे के कपड़े को नहीं ला पाई और उसके पति को जो पानी पिलाती थी आटा मिला हुआ पानी पिला ती थी वह भी नहीं पीला पाई। जब पति ने कहा क लाओ मुझे आटा मिला हुआ पानी दो तो उसने कहा कि आज वह नहीं दे पाएगी क्योंकि जेठानी ने वही रख लिया है तो पति को बहुत ही गुस्सा आया कि तुम पूरा दिन उनके घर काम करती हैं और बदले में सिर्फ आटे का कपड़ा और बचा हुआ खाना लेकर आती है फिर भी उसने वह कपड़ा नहीं दिया तो वहां जाती ही क्यो हो और उसने अपनी पत्नी को बहुत ही ज्यादा मारा ज्यादा परेशान होने की वजह से उसकी वही आंख लग गई और गणेश जी गणेश जी करते हुए ही उसे नींद आ गई।

सपने में उसे गणेश जी आए और कहा बोलो मुझे शौच लगी है मैं कहां करूं तो देवनानी ने कहा कि पूरा घर पड़ा खाली पड़ा है मेरे पास तो कुछ भी नहीं कहीं पर भी कर लो फिर उसने कहा कि पू छु कहां पर है तो देवरानी को गुस्सा आया हुआ था वह तो उसने गुस्से में कहा मेरे सर पर और कहां यह सु नकर के गणेश जी अंतर्धान हो गए जब आंख खुली तो उसने देखा कि उसने कहा था गणेश जी को शौच करने के लिए वहां हीरे जवाहरात के ढेर लगे हैं और जहां उन्होंने अपने सीर का नाम लिया था वहां जगमग जगमग गहने चमक रहे थे वह बहुत ही खुश हुई और वह अपनी जेठानी के यहां काम पर नहीं गई जेठानी ने अपने बच्चों को कहा कि जाओ आज तुम्हारी चाची काम पर कैसे नहीं आई जाओ उसे बुलाकर लाओ गए तो उन्होंने देखा कि उनका घर हीरे जेवरात से भरा पड़ा है और सारी चीजें चमक रही है नए बर्तन नए वस्त्र और बहुत सारे पकवानों से घर भरा पड़ा था उन्होंने वापस जाकर अपनी मां से कहा कि चाची तो बहुत पैसे वाली हो गई है और वह अपने यहां काम करने नहीं आएगी जेठानी सुन कर के आश्चर्यचकित रह गई और उसने सोचा कि यह बच्चे ऐसे ही कह रहे हैं और उसने खुद ने वहां जाकर देखा तो वाकई में देवरानी का घर तो बहुत ही ज्यादा चमक रहा था

Tilkut chaturthi katha in Hindi

सभी जगह हीरे मोती जवारात दिखाई दे रहे थे जब उसने पूछा कि यह क्या हुआ तो देवनानी ने रात वाली सारी कहानी बता दी जेठानी धन की भुखी सारी की सारी कहानी अपने पति को बताने लगी और कहा कि आप भी मेरी पिटाई करो और पति ने कहा कि ऐसा मत करो ऐसा ऐसी बात नहीं है लेकिन जेठानी नहीं मानी उसने कहा कि नहीं आप मुझे मारो जब उसको मारना शुरू किया तो वह गणेश जी गणेश जी कहते-कहते वह बेहोश हो गई और गणेश जी का नाम लेते हुए उसे भी नींद आ गई रात को जब गणेश जी उसके सपने में आए तो गणेश जी ने कहा कि मुझे शौच लगी है मैं कहां जाऊं जीठानी ने कहा देवरानी का तो छोटा सा ही घर था मेरा तो बहुत बड़ा घर है आपका मन करे वही कर लो तो उन्होंने वैसा ही किया।
 
उन्होंने कहा अब पूछूं कहां तो जिठानी बोली की मेरे सर पर पोंछ ऐसा सुन के गणेश जी अंतर्धान हो गए सुबह जब जेठानी की आंख खुली तो बहुत ही बदबू आ ई देखा तो पूरा घर मे गंदगी फैलाई प ड़ी थी उसने कहा है गणेश जी महाराज यह क्या किया आपने मेरी देवरानी को तो बहुत सारा धन दिया और मेरे को यह कूड़ा करकट दिया गणेश जी ने कहा कि उसने तो अपने पति धर्म को निभाते निभाते मार खा ई और तुमने धन की भूखी मार खाई इसलिए ऐसा हुआ तो जेठानी बोली जी महाराज गलती हो गई गणेश जी ने कहा कि मैं तो तभी यह सब कुछ साफ करूंगा जब तुम अपने धन में से आधा धन अपनी देवरानी को दे दोगी जेठानी ने कहा ठीक है मैं आधा धन अपनी देवरानी को दे दूंगी और उसने वैसा ही किया है भगवान गणेश जी जैसे देवरानी को दिया वैसे सबको दे जैसे जेठानी को दिया वैसा किसी को ना दे कहानी सुनने वाले को सभी को अपना आशीर्वाद प्रदान करें।
बोलिए श्री गनेशाय नमः